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जोखिम भरे हैं सफलता के शार्टकट

 3000 करोड़ की बायजू  कंपनी की नेट वर्थ शून्य हो गयी दुनियाँ भर में रोल मॉडल बना व्यक्ति आज असफल होकर घर बैठा है पर एक गंभीर  मुद्दा पूरे समाज को चर्चा के लिए मिल गया है और अब वह लोग भी निश्चित रूप से चिंतित होंगे जिन्होंने बायजू से प्रेरणा लेकर उस रास्ते पर चलने का निर्णय लिया था।

 हमरे समाज की मनोदशा ही कुछ ऐसी हैं कि बिना कुछ जाने समझे किसी भी रोल मॉडल के कार्यों को बड़े स्तर तक कॉपी करना शुरु कर देते हैं यहाँ तक कि बेईमान और  अपराधियों तक के कार्यों को अपनाकर धन दौलत कमाने से परहेज नहीं करते। पर क्या वह लोग अपने रोल मॉडल की तरह भविष्य असफलता और दंड भुगतने को तैयार होंगे?
  वास्तव में वर्तमान समाज बहुत  दूरदर्शी नहीं हैं वह तात्कालिक सफल परिणामों को बड़ी जल्दी फॉलो कर लेता है विशेषकर युवा बहुत जल्दी ही सफल लोगों को कॉपी कर लेते हैं। भारत की सबसे अधिक बौद्धिक लोग आई आई टी में अपना ग्रेजुएशन पूरा करते हैं पर पिछले एक दशक में इन युवाओं में स्टार्टअप शुरु कर अरबपति, ख़रबपति बनने का जूनून चढ़ा हैं। किसी स्टार्टअप के लिए बहुत अधिक कौशल, व्यावहारिक और सामाजिक ज्ञान, ढेर सारी पूंजी, व्यावसायिक समझ और अर्थशास्त्र पर अच्छी पकड़ की जरुरत होती है इनमे से किसी भी क्षेत्र को समझने में हुयी चूक अरबों के कारोबार को रातों रात मिट्टी में मिला देता है और 1 दशक पहले शुरु हुए कई स्टार्टअप अब इसका शिकार होना शुरु हो गए हैं।
मैं अक्सर अनैतिक कार्यों से धन, सम्पदा, पद, प्रतिष्ठा अर्जित करने को हो रही बौद्धिक चर्चा में लोगों से प्रश्न करता हूँ कि कल को जब भौतिक सुविधाओं में पढ़े बढ़े इनके बच्चे विगड़ जायेंगे और धन कमाने लायक मेहनत नहीं कर पाएंगे तब क्या होगा? और ऐसी में अगर उनकी पूंजी व्यापार घाटा या वीमारी इत्यादि में समाप्त हो गयी तो उनके बच्चे क्या करेंगे?क्या आप उनका अनुसरण करके उनके जैसे परिणाम झेलने को तैयार रहोगे? तो लोग चुप्पी साध लेते हैं या नाराजगी जाहिर करते हैं।
 वास्तव में समाज एक लम्बे समय में अनुभव अर्जित करते हुए कुछ मुलभुत सिद्धांत बनाता है और ये सिद्धांत व्यक्ति को प्रगति में सहायक होते हैं इनके अतिरिक्त अपनाये गए सफलता के शार्ट कट, छल,  कपट, बेईमानी  सदैव जोखिम भरे होते हैं जो कभी भी इनको अपनाने वाले लोगों की जिंदगी को शून्य बना सकते हैं। अल्पकाल में तो किसी शार्टकट से धन सम्पदा और वैभव हांसिल हो सकता है पर लम्बे समय तक किसी कार्य को ऊंचाई तक ले जाने के लिए कड़ी मेहनत, अनुभव, ईमानदारी, सामाजिक और आर्थिक समझ के अलावा कोई अन्य रास्ता नहीं है इसीलिए सदैव कहा जाता है कि सफलता का कोई शार्टकट  नहीं होता है।

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