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अप्रैल, 2014 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

भारतीय लोकतंत्र

भारतीय लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण पद है आई. ए. एस ।पर इस पद को धारित करने वालो को आज तक ये पता नहीं है कि उन्हें भारत सरकार ने किस कार्य के लिए चयनित किया है एक जनपद में नियुक्त जिलाधिकारी जब तक ये पता कर पता है कि जनपद की भौगोलिक स्थिति क्या है जनपद की प्रशासनिक स्थिति क्या है जनपद की आवश्यकता क्या है और जनपद के लिए मास्टर प्लान बनाने के पहले ही उसका स्थानान्तरण अन्य जनपद में कर दिया जाता है और फिर वही क्रम चालू ।कभी सचिवालय, कभी निदेशालय, कभी जनपद के बीच रिटायरमेंट कब आ जाता है पता ही नहीं चलता है ।अगर कोई एक्टिव अधिकारी किसी महत्वपूर्ण योजना का निर्माण कर भी ले तो उसे क्रियान्वित करने का अवसर मिलना अशंभव है ऐसे में किसी विभाग में सुधार के लिए कोई अधिकारी प्रयास क्यूँ करें?जीवन में कम से कम 50-60 स्थानान्तरण के साथ नयी जगह सामजस्य तथा अपने बच्चो और परिवार की चिंता ही इस पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रह जाती है ।शायद सरकार ने कभी यह कोशिश नहीं की कि विशेष विभाग या जनहित की महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए पूर्णकालिक प्रशासनिक अफसरों को तैयार किया जाए और नियुक्ति कर योजनाओ के निर्माण और क्...

गंभीर समस्या

सरकारी स्कूल के बच्चो की शिक्षा के प्रति सरकारी नजरिया कुछ भी हो सरकारी आंकड़े कुछ भी कहें पर धरातल पर स्थिति कुछ और ही है ।प्रदेश स्तर के बतानुकुलित कमरों में बैठकर शिक्षा के बास्ताविक माहौल से अनभिज्ञ सरकारी अफसरों और मंत्रियो द्वारा ग्रामीण बच्चो के लिये बनायी गयी सरकारी योजनाए कागजोंपर ही सफलता के झंडे बुलंद कर रही है पर यथार्थ के धरातल पर स्थिति कुछ और ही है ।शहरी और निजी विद्यालयों की तरह शिक्षा देने के लिये बनाये गए सरकारी स्कूल ,आंकड़े जुटाने के कार्यालय और अध्यापक शासन की अनेको महत्वाकांक्षी योजनाओं को कार्यान्वित करवाने वाला कर्मचारी भर बनकर रह गया है ।शिक्षा अधिकार अधिनियम भले ही शिक्षक को अधिकार और बच्चो को सभी बुनियादी सुबिधायें देने की बकालत करता हो पर पर स्थिति अब भी वही है जहाँ पहले थी। सरकारी स्कूल केवल और केवल उन बच्चो के लिए हैं जो या तो पढना नहीं चाहते है या उनके माता पिता उन्हें पढ़ाना नहीं चाहते है ये स्कूल इन बच्चो के लिए मध्यान्ह भोजन ग्रहण करने की औपचारिकता मात्र है ।गंभीर आर्थिक संकट से जुझते इन बच्चो के लिए और इनके अभिभाबको के लिए दो जून की रोटी जुटाना प्रथम...