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अभिभावक चाहें तो खत्म करवा सकते हैं निजी विद्यालय की मान्यता।

अभिभावक अगर चाहे तो किसी भी निजी विद्यालय को आसानी से न्यायालय में खड़ा करके उसकी मान्यता समाप्त करवा सकता है। आपको निजी विद्यालय से जुड़े यह नियम जरूर जानने चाहिए।  आजकल निजी विद्यालयों में फीस को लेकर काफी हलचल है। अभिभावक फीस देने को लेकर तैयार नहीं है और निजी स्कूल फीस छोड़ने को तैयार नहीं है। निजी स्कूल के तर्क जायज हैं पर कानूनन बहुत कमजोर। 1. निजी स्कूल की मान्यता सरकारी नियमावली के अधीन दी जाती है जिसमे निजी विद्यालय सरकार के दिशा निर्देशों को मानने के लिए एक सपथ पत्र प्रस्तुत करते हैं। न मानने की दशा में सरकार उनकी मान्यता को समाप्त करने का अधिकार रखती है। 2. निजी विद्यालयों की स्थापना के समय उस विद्यालय को अपनी स्थापना सुविधाएं पूर्ण कर ही आवेदन करना पड़ता है। अर्थात विद्यालय के पास भवन, लाइब्रेरी खेल का मैदान, शौचालय, प्रशिक्षित शिक्षक, लिपिक, चपरासी  आदि होने पर ही मान्यता मिलती है। 3. ज्यादातर निजी विद्यालय एक सोसाइटी बनाकर स्थापित किये जाते हैं जिसकी नियमावली में उल्लेख होता है कि वह नो प्रॉफिट और नो लोस् के आधार पर समाज के बच्चों को शिक्षा प्रदान करेंग...