भविष्य के स्कूल और शिक्षा
दिसंबर 2125 ए आई एडवांस पब्लिक स्कूल इटावा में ठीक 9:00 बजे आटोमेटिक प्रवेश द्वार खुल गया, बच्चे एक एक करके अंदर प्रवेश कर रहे हैं... दरवाजे पर लगा सेंसर और कैमरा बच्चों को स्कैन करके उनकी अटेंडेंस के साथ यूनिफार्म, टिफिन आदि चेक कर डेटा कलेक्ट कर रहा है। तीन बच्चे रेड अलार्म बजने से संदेह में आये और गेट पर तैनात रोबोटिक सिक्योरिटी गार्ड नें उन्हें रोक लिया क्योंकि डेटा रोबोटिक सिक्योरिटी गार्ड को ट्रांसफर हो चुका था तीन में से दो के लंच बॉक्स में स्कूल द्वारा बताएं गए मेनू से अलग लंच था और एक की ड्रेस कम्पलीट नहीं थी इसलिये सिक्योरिटी नें उन्हें वापस जाने का निर्देश दे दिया।
प्रेयर स्टार्ट हो चुकी है.... विद्यालय असेंबली हाल में केवल कैमरा और साउंड सिस्टम लगा है... हर छात्र का स्पेस फिक्स है उसमें जाकर सभी बच्चे खड़े हो गए। प्रेयर के बाद, न्यूज़, नैतिक कथा, वार्म अप, योगा, मैडिटेशन कुल मिलाकर 45 मिनट की प्री असेंबल्ड प्रोग्राम पर यह सेशन पूरा हो चुका है, कुछ बच्चे काफ़ी बुरी तरह थक चुके हैं पर प्रेयर में सारी गलतियां सेंसर और कैमरा नोट करते हैं इसलिये बच्चों को सभी टास्क अच्छे से करना जरुरी होता है, थके हुए बच्चों के फेस एक्सप्रेशन और बॉडी मूवमेंट भी रिकॉर्ड में नोट किये जा चुके हैं।
बच्चे अब क्लासरूम में जा रहे हैं सभी क्लास में रोबोटिक ए आई मैडम बच्चों को उनके नाम से बुलाकर वेलकम कर रहीं हैं। प्रत्येक टेबल पर एक लैपटॉप लगा है और कमरे में ढेर सारे कैमरा के साथ साउंड सिस्टम। ए आई टीचर नें अपने प्री असेंबल्ड़ प्रोग्राम के अनुसार पढ़ाना शुरु कर दिया है उसके सर के पीछे हिस्से में लगा कैमरा ब्लैकबोर्ड पर लिखते समय भी बच्चों की एक्टिविटी पर निगाह रखे हुए है सेंसर प्रत्येक बच्चे की आँखों और बॉडी एक्सप्रेशन पर निगाह रखे हैं। मैडम नें 20 मिनट में टॉपिक खत्म कर बच्चों को कुछ सवाल दे दिए हैं जो उनके लैपटॉप स्क्रीन पर शो हो रहे हैं बच्चे उन्हें सॉल्व करते जा रहे हैं। उनका रिजल्ट डिस्प्ले पर आ चुका है साथ ही यह रिजल्ट तत्काल स्टूडेंट प्रोफाइल पर अपडेट हो चुका है जो उनके पेरेंट्स के पास उपलब्ध ऐप पर भी देखा जा सकता है।
अब पीरियड बदलने पर टीचर्स नहीं बदल रहे हैं केवल 5 मिनट का ब्रेक मिलता है जिसके बाद नया सब्जेक्ट शुरु हो जाता है इन 5 मिनट में भी बच्चे नें क्या क्या किया यह भी रिकॉर्ड होता रहता है कोई बच्चा दिन में कितनी बार वाशरूम गया इसका भी रिकॉर्ड हेल्थ प्रोफाइल में मेन्टेन हो चुका है।
लंच हो चुका है बच्चों को बाहर जाने की अनुमति नहीं है अपनी टेबल पर बच्चों नें अपना लंच बॉक्स खोल लिया है सबसे पहले टेबल पर लगे स्कैनर नें उसे स्कैन किया और उसकी गुणवत्ता की जाँच की कक्षा 6 के 2 बच्चों के टिफिन सैंपल रिजेक्ट हो गए और उनका अलार्म बज उठा शायद उनकी मम्मी नें शाम को फ्रिज में रखे आटे के पराठे रख दिए थे... अब उन्हें स्कूल से डिब्बा बंद पैक फ़ूड लेना होगा। स्कैनर नें सभी के भोजन की कैलोरी का डेटा बेस हेल्थ सेक्शन में अपडेट कर दिया है।
क्लास के हिसाब से एक एक पीरियड बच्चों को खेल के मैदान में जाना है, वहाँ भी चारो तरफ कैमरा और डिवाइस लगे हैं आपने जिस खेल को चुना है उसी हिसाब से खेल सामिग्री ए आई स्पोर्ट टीचर्स दे रहे हैं... बच्चे खेल रहे हैं, कैमरा उनके भागने, दौड़ने, थकने, रुकने गलतियां करने आदि का रिकॉर्ड नोट कर रहा है, जिसे स्पोर्ट सेक्शन में अपडेट कर दिया जायेगा, हाँथ में बंधे फिटनेस बैंड का डेटा अपने आप अपडेट होकर स्टूडेंट प्रोफाइल में जा चुका है।
अब बच्चे अपना स्कूल समाप्त कर गेट से बाहर जा रहे हैं, स्कूल बस में लगे कैमरा उनकी गिनती कर रहे हैं, घर मैसेज भेज दिया गया है कि आपका बच्चा स्कूल से चेक आउट हो चुका है बस गूगल मैप से जुड़ी है स्कूल और अभिभावक बच्चों की रियल टाइम लोकेशन ट्रैक कर सकते हैं।
बच्चे अब होमवर्क कर रहे हैं जो उनके स्कूल द्वारा डिजिटल रूप में उनके स्मार्ट टैब में भेज दिया गया है, स्मार्ट टैब के सामने कैमरा लगा है ताकि बच्चे चीटिंग न कर पाएं होमवर्क ख़त्म होते ही कॉपी चेक होकर रिजल्ट स्टूडेंट अकेडमिक परफॉरमेंस सेक्शन में अपडेट हो चुका है होमवर्क कितने बजे किया गया कितना टाइम लगा आदि सूचनाएं भी उसमें दर्ज़ हो रही हैं।
रात के 9 बजे हैं पापा के मोबाइल में स्टूडेंट रिकॉर्ड चेक करने का नोटिफिकेशन आ चुका है अब पापा की क्लास शुरु हो गयी है दिन भर की परफॉर्मेंस पर पापा के सवाल जबाब और बेटे के स्पष्टीकरण हो रहे हैं, रात 9:30 पर पापा नें स्टूडेंट परफॉरमेंस चेक्ड एंड ओके करके ऐप बंद कर दिया है। अब उनका बेटा सोने जा रहा है दिन भर के रिकॉर्ड की समरी ऐप में अपडेट होकर स्कूल द्वारा मॉनिटरिंग की जाएगी और उसका रिजल्ट उनके टीचर्स को भेज दिया जायेगा जिसके आधार पर अगर जरुरत हुयी तो उनके ए आई टीचर्स उनके लिए स्पेशल कोर्स डिज़ाइन कर उन्हें एक घंटा अलग से पढ़ाएंगे।
पापा खुश हैं, उन्हें लगता है कि उन्होंने प्रवेश के समय अपने बच्चे के कैरियर के लिए जिस ऑप्शन पर टिक किया है वह उनके बच्चे को जरूर हांसिल हो पायेगा।
और बच्चा बेचारा यह नहीं जान पा रहा है कि वह कंप्यूटर है या घर बाले उसे कंप्यूटर बनाने पर उतारू हैं।
अवनीन्द्र सिंह जादौन
लेखक एवं ब्लॉगर

भले इसमें समय 2125 का दिया हो पर बहुत से बच्चों के साथ यही हो रहा है. उनके साथ होने वाली गतिविधियों ने उनको मशीन बना दिया है, रोबोट बना दिया है.
जवाब देंहटाएंकाश कि अभिभावक ख़ुद को इंसान के रूप में रखकर बच्चों को भी इंसान बना पाते.
गजब का लेखन , सटीक चित्रण
जवाब देंहटाएंसादर प्रणाम सर
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