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मन का कचरा साफ कीजिये

 आप अपने घर में क्या रखना पसंद करते हैं

अच्छी सुन्दर उपयोगी बस्तुएँ या कबाड़?
निश्चित ही आप कबाड़ को या तो फेंक देते हैं या कबाड़ी को बेंच देते हैं
अब आप बताएं कि आप अपने शरीर के स्टोर (दिमाग़ ) में क्या रखना पसंद करते हैं?
अच्छी यादें या 
ईर्ष्या द्वेष नफ़रत घृणा
निश्चित ही मानवीय स्वभाव के तहत हम उन चीज़ों और विचारों को ज्यादा याद रखते हैं जो हमें पसंद नहीं आते हैं
पत्नी नें पति के लिए क्या नहीं किया यह उसे ज्यादा याद रहता है जबकि पत्नी अपना पूरा समय एक घर को घर बनाने में लगा देती है।
पति नें पत्नी के लिए क्या नहीं किया यह उसे जीवन भर याद रहता है जबकि पति अपनी पूरी मेहनत घर को आर्थिक और भौतिक रूप से मजबूत करने में लगता है।
माता पिता नें बच्चों को कब डांटा, कौन सी फरमाइश पूरी नहीं की कौन सी सुविधा नहीं दी यह उन्हें याद रहता हैं जबकि उन्होंने जीवन में उसे सब कुछ करके पाला पोसा होता है।
समाज के लोगों के लिए भी लगभग यही मनोदशा हम सबकी है लोगों नें कब अच्छा किया आपके साथ उसकी जगह कब बुरा किया या बुरा कहा बस यही याद रख पाते हैं।
धीरे धीरे हमारे मन में इतना नकारात्मक कचरा इकठ्ठा हो जाता हैं कि अच्छे और सकारात्मक विचारों का कोई स्थान नहीं रह जाता हैं
और इस तरह के दिमाग़ के साथ व्यक्ति न तो खुश रह पाता हैं और न किसी को खुश रख सकता हैं
तो फिर खुश रहने के लिए इस नकारात्मक कचरे को साफ कर कही फेकने का काम तो हमें ही करना होगा
पर कब 😀

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