बात 1990 के आसपास की है उस समय शादी के लिए लड़कियों की स्पेशल फोटो खिंचाने का सिस्टम था पता चला कि शादी बाली फोटो खींचने बाले फोटोस्टूडिओ इस कार्य को बड़ी दक्षता के साथ करते हुए काली लड़की को गोरा और नाटी लड़की को लंबा बना देते थे और एक फोटो के 100 से 250 रुपये तक लेते थे। कालान्तर में ज्ञात हुआ कि फिल्म इंडस्ट्रीज में जाने के इच्छुक युवक युवतियाँ विशेष फोटो स्टूडियो से विशेष शूट आउट करके अपना पोर्टफोलियो बनवाते हैं और उन्हें प्रस्तुत कर निर्माता निर्देशक से काम की गुहार लगाते हैं एक पोर्टफोलियो में 8-10 विशेष फोटो की कीमत 10 हजार से लाखों तक होती थी। 2010 आते आते एंड्राइड मोबाइल ने यह सब व्यापार छीन लिया और चाइनीज एप्प ब्यूटी प्लस ने सभी लोगों को खूबसूरत लगने का अधिकार संवैधानिक रूप से दे दिया।
कुछ ऐसा ही मामला निजी कार्यालयों में था जॉब के लिए बॉयोडाटा बनाना एक कला हुआ करती थी जिसके सहारे इंटरव्यू लेने बाले को टोपी पहनाकर जॉब हांसिल की जाती थी उस समय दस्तावेजों को प्रस्तुत करना एक बड़ी कला मानी जाती थी और महानगरों में वाकायदा इसके प्रशिक्षण हुआ करते थे। हालांकि अब गूगल की मदद से युवा यह काम आसानी से कर लेते हैं।
यह चलन अब प्राइवेट से निकलकर सरकारी तक जा पहुंचा है। कई विभागों में कर्मचारियों को पुरष्कृत करने के लिए आवेदन मांगे जाने लगे तो लोगों में अपने कार्यो को सहेजने और प्रस्तुत करने की ललक जागी। शुरुआत हाँथ से लिखे आर्टिकल और कुछ यादगार तस्वीरों की फोटोकॉपी से शुरू हुई जो कालान्तर में कंप्यूटरीकृत राइटअप से चलती हुई रंगीन फोटोशॉप वर्क/प्रोजेक्ट रिपोर्ट तक जा पहुंची। फोटोशॉप का अर्थ ही होता है फ़ोटो में छेड़छाड़ करके उसे शानदार लुक देना और जब फ़ोटो में छेड़छाड़ करने का अस्त्र मिल ही गया तो फिर अपने कार्यों को भी छेड़छाड़ कर उसे शानदार रूप में प्रस्तुत करने के हुनर को लोगों ने सफलता का नया पर्याय बना लिया। अब सम्पूर्ण काम एक छोटी पेन ड्राइव के जरिये लोगों को 24*7 पीपीटी दिखाने का अवसर देता है।
कर्मचारियों के इस हुनर की खबर जब उस विभाग अधिकारियों को लगी तो उन्होंने इन कर्मचारियों की मदद से अपना भ्रामक और शानदार विभागीय वर्क प्रोफाइल अपने जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों को दिखाकर उनकी प्रशंसा बटोरनी शुरू कर दी जिला स्तरीय बड़े साहब ने तो बिना कुछ करे धरे इन्ही कार्यों के प्रमुख अंश को निकालकर चमकाकर अपनी सील सिक्का लगाकर शासन में प्रस्तुत कर अपनी छवि को शानदार बनाना शुरू कर दिया।
सुना है कि अब तो विधायक और मंत्री भी एक निजी फोटोग्राफर इसलिए साथ लेकर चलते हैं कि उनका वर्क पोर्टफोलियो शानदार बने और उसे प्रस्तुत कर मुख्यमंत्री जी की वाह वाही लूट सकें। मुख्यमंत्री जी प्रधानमंत्री जी को और प्रधानमंत्री जी अंतराष्ट्रीय मंच पर वैश्विक छवि चमकाने के लिए इसी फोटोशॉप शानदार वर्क प्रोफाइल पीपीटी का प्रयोग कर रहे हैं।
कुछ भी हो फोटोशॉप की कला से जिंदगी बड़ी शानदार हो चली है सोशल मीडिया में तो कट एडिट कॉपी पेस्ट के कारण सैकड़ो लोग अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक ख्याति प्राप्त कर चुके हैं कई नामचीन कवि बन गए हैं सैकड़ो वैध बन गए हैं ब्यूटी प्लस कैमरा से फोटोशॉप की गई फोटो से सबको हीरो हेरोइन बना दिया है वीडियो एडिटर सॉफ्टवेयर्स ने उन्हें बादशाह बना दिया है। वहीं पूरा सरकारी सिस्टम पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन की दम पर अपनी नौकरी को शानदार बनाये हुए है और सरकार भी अपनी उपलब्धियों के लिए इन्ही का इस्तेमाल कर रही है।
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