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नंगा नंगई और नंगनाच

 नंगा, नंगई और नंगनाच 

आर्टिकल पढ़ने से पहले यह समझ लें कि यह आर्टिकल बिना कपड़े बाले के लिए नहीं है बल्कि एक विशिष्ट गुण बाले व्यक्ति के लिए है। एक कहावत है कि नंगा नहायेगा क्या और निचोड़ेगा क्या। यह सुनकर अनायास ही एक दृश्य उभरता है कि नंगा कोई गरीब आदमी होगा जिसके पास गरीबी के कारण ज्यादा कपड़े नहीं होंगे। कुछ लोग कहते हैं कि उससे मत उलझना बड़ा नंगा आदमी है, मन मे फिर से एक दृश्य उभरता है कि यह आदमी बड़ा सिरफिरा किस्म को होगा इसलिए लोग डर रहे हैं। कुल मिलाकर यह बड़ा रोचक करैक्टर है जिसके पास कुछ न होते हुए भी समाज उसके महत्व को बड़ी शिद्दत से स्वीकार करता है और उसके व्यक्तित्व को लेकर एक खौफ भी नजर आता है। 
     नंगों के लिए इस दुनियाँ में कुछ भी असंभव नहीं है अगर किसी मुहल्ले में कोई नंगा किस्म का व्यक्ति हो तो पूरा मुहल्ला तनाव में रहता है किसी भी सार्वजनिक फैसले के बाद भी उसके विरोध का खौफ पूरे मुहल्ले में दिखाई पड़ता है चाहे कितना भी दबंग क्यों न हो उससे कन्नी काटता नजर आता है। क्योंकि नंगे से जीत पाने के लिए व्यक्ति को स्वयं नंगई पर उतरना होता है जो किसी भी साधारण व्यक्ति की बात नहीं है। 
   अगर नंगा किस्म का व्यक्ति किसी सरकारी नौकरी में होता है तो भी वह राजा ही है क्योंकि उसे किसी बात पर टोकने मात्र से नंगनाच होने लगता है। नंगनाच कपड़े उतारकर नहीं होता है बल्कि यह वाद विवाद की एक विशेष कला है जिसमें सिर्फ नंगों को ही महारत हाँसिल होती है। ऐसे में उसको नौकरी में वह सब लाभ आसानी से हाँसिल हो जाते हैं जिनके लिए अन्य कर्मचारी काफी परेशान होते हैं उसका वेतन नहीं रोका जाता क्योंकि अफसर उसके नंग नाच को लेकर आशंकित रहता है। उसका एरियर समय पर आ जाता है उसको छुट्टी आसानी से प्राप्त हो जाती है। कुल मिलाकर नंगा होना नौकरी के लिए फायदेमंद सौदा ही है।
    राजनीति में भी नंगों को बहुत फायदा मिलता है अगर ऐसा कोई व्यक्ति राजनीति में दखल रखता है तो बड़े नेता उससे उलझने से पहले 100 बार सोचते हैं उलझने पर वह हर चौराहे पर खड़ा होकर उनकी इज्जत उतारता है उनके समर्थकों द्वारा पीट दिए जाने पर भी वह हर चौराहे पर चिल्ला चिल्ला कर उनकी बैंड बजाता है धमकी देता है कि अगर मुझे कुछ हुआ तो फलाने जिम्मेदार। अगर नेता जी ने उनसे वार्ता कर ली तो भी समस्या क्योंकि अब वह कहता फिरता है कि नेता जी की ....गयी इसलिए वह हमसे समझौता का आग्रह कर रहे हैं अगर नेता जी ने तबज्जो न दी तो समाजिक छति झेलना तय है। कुल मिलाकर बड़े से बड़ा नेता भी इन नंगों से खौफ खाता है। इनके इस विशिष्ट गुण का ही प्रयोग शादियों में नेग मांगने बाले थर्ड जेनरेशन के लोग करते हैं तब ही बड़ा नेग ले पाते हैं।
 यह नंगे सर्वव्यापी है यह हर क्षेत्र में पाए जाते हैं और हर क्षेत्र में राजा की तरह रहते हैं नंगे के पास खोने को कुछ नहीं होता है इसलिए वह सदैव प्राप्त ही करता है। गाली खाकर, पिटकर , वेइज्जत होकर भी इनके ऊपर कोई विशेष असर नहीं होता है अगर अध्यात्म के शब्दों में कहें तो यह महापुरुष है। क्योंकि ये चिन्ता नहीं करते, इन पर किसी के आरोप प्रत्यारोप गाली गलौच का भी कोई असर नहीं होता है, यह व्यक्ति कभी लाभ की कामना नहीं करते हैं, इनको कुछ खोने का भी भय नहीं होता है यह सरकार आने जाने से दुखी नहीं होता यह जाति विरादरी के बंधन से भी मुक्त होता है और एक महान व्यक्ति के यही गुण तो शास्त्रों में वर्णित हैं। इसीलिए ये काम क्रोध लोभ मोह माया से दूर रहकर केवल समाज मे अपने मन से जीवन यापन करते हैं। सरकार को चाहिए कि ऐसे लोगों को चिन्हित करके इन्हें विशेष प्रोत्साहन दिया जाए क्योंकि समाज की नाक में नकेल डालने का साहस केवल इनमे ही होता है।

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